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Betaal Pachisi First Story विक्रम बेताल प्रथम कहानी पापी कौन? 2021
Betaal Pachisi First स्टोरी के इस भाग मै हम betaal pachisi की अधभुद कहानियों का आरम्भ कर रहे है। इससे पहले पोस्ट मै हमने जाना के राजा विक्रमादित्य कौन थे? और बेताल कौन था? और ये आपस में कैसे मिले? पूरी जानकारी के लिए Betaal Pachisi सीरीज का प्रथम पोस्ट पड़ें।
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Betaal Pachisi First Story (पापी कौन)
विक्रम बेताल को एक चादर की सहायता से अपनी पीठ पर बांध कर योगी की कुटिया की तरफ जा रहे थे। दोनों मै हुई शर्त के अनुसार बेताल ने विक्रम को एक कहानी सुनना शुरू की और कहा सुन एक कहानी सुनाता हूँ।
एक समय की बात है, काशी में प्रतापमुकुट नाम का राजा राज्य करता था। उसके वज्रमुकुट नाम का एक बेटा था। राजकुमार बहुत ही हस्तपुस्ट बलशली और सुन्दर था। राजकुमार की दोस्ती राज्य के एक चतुर मंत्री के बेटे से थी। मंत्री का बीटा भी अपने बाप की तरह ही चतुर और चालक था।
वो हमेशा ही राजकुमार को अच्छी सलाह देता जिसकी वजह से राजकुमार हर समस्या का सामना आसानी से कर लेता। इसी वजह से राजकुमार अपने मित्र को हमेशा अपने साथ रखता था। एक दिन राजकुमार वज्रमुकुट शिकार पर अपने मित्र के साथ गए। घूमते हुए वो एक जंगल मै तालाब के किनारे पहुंच गए।
राजकुमार ने कहा “आज का दिन कितना सुन्दर है। और ये जगह कितनी सुन्दर है पक्छी चहचहा रहे है। चारो तरफ हरियाली है और इस तालाब मै कितने सुन्दर कमल के फूल खिले है।”
राजकुमार की बात सुन कर मंत्री का बेटा मुस्कुरा कर कहता है “राजकुमार तालाब के पानी से हाथ मुँह धो लीजिए, ऊपर पहाड़ी पर महाकाल का मंदिर है उनके दर्शन से आज का दिन और शुभ हो जाएगा।”
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