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Sad Love Stories Hindi-Heart Touching Love Story Hindi
आज राहुल बहुत खुश था। आज वही दिन था जिसका उसे हमेशा से इंतज़ार था। क्यूंकि आज उसके स्नातक का रिजल्ट आने वाला था। और उसे बिश्वास था के वो फस्ट ज़रूर आएगा। कुछ ही समय में उसका रिजल्ट आ गया और उसने ऑनलाइन कैफ़े से चैक कराया तो पता चला वो 92% से फस्ट आया है।
वो बहुत ही ख़ुशी के साथ भागता हुआ अपने घर पहुंच। घर क्या मिटटी की चार दीवार जिस पर पन्नी और घांस पड़ी हुई थी। जिस पर दरवाज़ा भी नहीं था। माँ विधवा थी लोगो का काम करती और घर का खर्च चलाती। माँ ने अपना पेट काट कर अपने बेटे को पढ़ाया था।
माँ उसे कोई भी काम नहीं करने देती थी हमेशा राहुल ज़िद करता के वो भी कुछ करेगा तो घर आसानी से चल जाएगा। किन्तु माँ इंकार कर देती और कहती “बेटा तेरे बाप का सपना था के उसका बेटा खूब पड़े और मरते हुए तेरे बाप से मेने वादा किया था के तुझे खूब पढ़ाऊंगी। जब तेरी पढ़ाई पूरी हो जाए तो काम शुरू करना।
आज राहुल इसलिए खुश था क्यों की उसकी पढ़ाई पूरी हो चुकी थी। अब वो भी काम करके पैसे कमा सकता था। अब उसकी माँ को किसी के लिए काम करने की ज़रूरत नहीं थी।
“माँ देख मेरा रिजल्ट आ गया माँ मेने 92% से पास किया है माँ अब तो तू मुझे नहीं रोकेगी माँ अब मै काम करूँगा और तू घर बैठेगी अब तुझे कही काम करने की ज़रूरत नहीं है माँ।” राहुल ने बहुत ही भावुक हो कर कहा।
माँ ने अपने लाल को अपने सीने से लगा लिया और दोनों काफी देर तक रोते रहे।
“माँ अब जैसे ही मेरी मार्कशीट आ जाएगी मै भी बड़े शहर चला जाऊंगा। अपने गाऊँ का सतीश एक बड़ी फैक्टरी मै काम करता है मै भी उसके साथ काम पर लग जाऊंगा।” राहुल ने कहा तो माँ ने इजाज़त दे दी।
राहुल बेसब्री से अपनी मार्कशीट का इंतज़ार करने लगा। और जल्द ही वो दिन आ गया जब राहुल को बड़े शहर निकलना था। माँ ने कुछ खाना और पैसे दिए जो उसके सफर में काम आने के बाद कुछ दिन के खर्चे के लिए काफी थे। माँ का दिल बड़ा ही दुखी था। आज उसका लाल उससे जुड़ा हो रहा था। बस मै बैठ राहुल चला गया और माँ बहुत देर तक सुनी सड़क को ही देखती रही।
बड़े शहर पहुंच कर राहुल बस से उतरा तो चारो तरफ देखने लगा हर तरफ भाड़ दौड़ थी। चारो तरफ चका चोंध जो उसने पहले कभी नहीं देखि थी। राहुल बहुत उत्साहित था। अब उसे सतीश के पास जाना था जिसकी खबर उसने पहले ही सतीश को दे दी थी। सतीश ने अपने खर का पता राहुल को दे दिया था।
राहुल जैसे ही बस स्टैंड से बहार आया उसने कुछ लोगों की भीड़ देखी। सड़क के बीच कुछ लोग भीड़ लगा कर खड़े थे और लोग भाग कर उधर ही इकठ्ठा हो रहे थे। राहुल से रहा न गया उसने भी सोचा चलो देखते हैं क्या बात हुई है। राहुल भीड़ को चीरता हुआ अंदर पहुंच गया।
राहुल नज़ारा देख दंग रह गया एक लड़की का एक्सीडेंट हुआ था जिसका पैर टूट चूका था और सर मै भी बहुत चोट आई थी। जिसकी वजह से बहुत खून बाह रहा था चारो तरफ खून ही खून था और लड़की तड़प रही थी।
राहुल ये देख लोगो से बोला “भीड़ लगा कर क्या देखते हो इसे उठाओ और अस्पताल ले चलो वरना ये मर जाएगी” लोगो ने कोई जवाब नहीं दिया। राहुल ने फिर दोहराया तो भीड़ से किसी ने कहा “तुझे दया आ रही है तो तू ही ले जा अस्पताल, यहाँ तो होते ही रहते है एक्सीडेंट”
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