- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
The Cobra and the Crows Panchatantra Story In Hindi
एक समय की बात है एक घने जंगल मै एक बहुत पुराना और बहुत बड़ा बरगत का पेड़ था। उस पेड़ पर एक कौवे का जोड़ा रहता था। कौवे के इस जोड़े ने बरगत के पेड़ के ठीक बीच मै अपना घोसला ये सोच कर बनाया था। के यहाँ वर्षा, धुप और तेज़ हवाओं से उनके घोसले व उनके बच्चों की सुरक्षा हो सकती है।
अतः कौवे की मादा ने अपने घोसले मै अंडे रखे। वो अपने अण्डों का बहुत ख्याल रखती थी। दोनों मिल कर अण्डों पर वारी वारी बैठते। और जल्द ही भोजन की तलाश करके वापस आ जाते। एक दिन उन्हें आने मै थोड़ी देर हो गई पर जब वो वापस आए तो उनके अंडे वहां नहीं थे।
ये देख कर वो बहुत घबरा गए उन्होंने सोचा शायद तेज़ हवा से उनके अंडे नीचे गिर गए होंगे। पर उनके अंडे नीचे भी नहीं मिले। कौवे की मादा बहुत उदास हुई। दोनों की समझ में नहीं आया के उनके उंडे कहाँ चले गए। अंत मै दोनों ने मान लिया के उनके अंडे खो गए है।
कुछ समय गुजरने के बाद मादा ने फिर से अंडे रख दिए। और इस बार वो अधिक सावधानी से उनकी देखभाल करने लगी। कोवा अकेला दूर खाने की तलाश मै जाता। और उसकी मादा आस पास ही रहती और खाने की तलाश करती।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें